access_time2026-07-29T04:32:02.926ZfaceShiksha Town
प्रागैतिहासिक एवं आद्य ऐतिहासिक काल - Prehistoric and Protohistoric Period मध्य उत्तराखण्ड के अतीत को साक्ष्यों की प्रकृति और कालक्रम के आधार पर मुख्य रूप से तीन युगों में वर्गीकृत किया गया है: 1. प्रागैतिहासिक काल - पुरातात्विक साक्ष्यों एवं शैलचित्रों पर आधारित। 2. आद्य-ऐतिहासिक काल - पौराणिक साहि...
access_time2026-07-26T05:33:18.832ZfaceShiksha Town
उत्तराखण्ड की प्राचीन जातियाँ - Ancient Tribes of Uttarakhand मध्य हिमालयी क्षेत्र में मानव बस्तियों और सामाजिक विकास के इतिहास में विभिन्न पुरा प्रजातियों का आगमन हुआ। इतिहासकारों के अनुसार इनका सही कालक्रम निम्नलिखित है:In the history of human settlements and social development in the Central Hima...
access_time2026-07-23T07:10:08.768ZfaceShiksha Town
उत्तराखण्ड पुरातत्व एवं ऐतिहासिक स्रोत - Archaeological and Historical Sources of Uttarakhand पुरातत्व के क्षेत्र में मुख्य योगदान / Major Contributions in the Field of Archaeology उत्तराखण्ड में पुरातत्व की नींव रखने और इसे आगे बढ़ाने का श्रेय मुख्य रूप से यशवंत सिंह कठौच, यशोधर मठपाल, मदनमोहन जोशी...